मुजफ्फरनगर में “रवींद्रनाथ टैगोर जी की जयंती” बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाई गई।
आज दिनांक 7 मई 2025 को भागवंती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज नई मंडी मुजफ्फरनगर में “रवींद्रनाथ टैगोर जी की जयंती” बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाई गई। मुख्य वक्ता के रूप में श्रीमती भावना जी ने सभी का मार्गदर्शन किया।
नोबेल पुरस्कार से सम्मानित टैगोर जी का जीवन परिचय को देते हुए, बताया कि रविंद्र नाथ जी एक कवि होने के साथ-साथ उन्होंने बहुत सी कहानीयाॅ, उपन्यास व नाटक लिखे, इन्होंने भारत एवं बांग्लादेश का राष्ट्रीय गान लिखा। 1913 में इन्होंने गीतांजलि पुस्तक लिखी , इसके लिए इनको नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया, और अंग्रेजों ने इन्हें सर की उपाधि दी । टैगोर जी एक समाज सुधारक भी थे ।
इन्होंने अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए, शांतिनिकेतन विद्यालय की स्थापना की ,जो बाद में विश्व विद्यालय बन गया । देश की आजादी में भी इनका बहुत बड़ा योगदान है। अंतिम पंक्तियां “खुश रहना बहुत सरल है ,लेकिन सरल रहना बहुत कठिन “पंक्तियों को बोलते हुए भावना जी ने सभी को उनके जीवन से सीख लेने की प्रेरणा दी ।इस अवसर पर विद्यालय के सभी आचार्य बंधु -बहनों के साथ समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
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