दैनिक सर्वे बुलेटिन- ब्रेकिंग न्यूज: पुरकाजी में श्री बालाजी धाम एवं श्री शिव मंदिर का 11वां वार्षिक उत्सव धूमधाम से संपन्न*
पुरकाजी, 10 मई 2025: सत्य विहार कॉलोनी, पुरकाजी में स्थित श्री बालाजी धाम एवं श्री शिव मंदिर के 11वें वार्षिक उत्सव को भारी आस्था और श्रद्धा के साथ भव्य रूप से मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया गया और श्री बालाजी महाराज का विशेष श्रृंगार कर पूजा-अर्चना की गई। मंदिर समिति के संस्थापक पंडित घनश्याम दास शर्मा (गुरुजी) के सानिध्य में आयोजित इस उत्सव में विशाल शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें आकर्षक झांकियां, बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़े और भक्ति गीतों की धुनों ने समां बांध दिया।
शोभा यात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर पुराने हाईवे, मुख्य बाजार, सब्जी मंडी, बिल्ली शाह चौक, और पुरानी घास मंडी से होती हुई देर शाम मंदिर पर पहुंची। यात्रा में भगवान गणेश, राधा-कृष्ण, मीरा-कृष्ण, हनुमान, और शिव तांडव सहित दर्जनभर मनमोहक झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कस्बे में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर और जलपान की व्यवस्था कर शोभा यात्रा का स्वागत किया।
पुरकाजी में श्री बालाजी धाम एवं श्री शिव मंदिर का 11वां वार्षिक उत्सव धूमधाम से संपन्न
श्री बालाजी महाराज भव्य रथ पर सवार होकर श्रद्धालुओं के साथ कस्बे का भ्रमण करते रहे, जिससे पूरा पुरकाजी शहर भक्ति के रंग में डूब गया। रथ पर पंडित घनश्याम दास शर्मा (गुरुजी), पंकज जिंदल, मोहित सिंघल, डॉ. संदीप वर्मा, अमित गोयल, पंडित विपुल भरद्वाज शास्त्री, अमित शर्मा, अनुज शर्मा, और शिवम शर्मा विराजमान थे। श्रद्धालु नंगे पैर रथ खींचते हुए “श्री बालाजी महाराज की जय” के जयकारे लगाते रहे।
इस आयोजन में निखिल गोयल, विपुल गोयल, अंशुल गोयल, मोनू शर्मा, निर्दोष जैन, रोबिन गोयल, अनुप गोयल, सतविंदर सिंह बेदी, रोहित खुल्लर, कुलदीप गुर्जर, पीयूष राणा, अमन गोयल, विकास पाल, सुशील वर्मा, अमित शर्मा (भानु), शिवकुमार पाल, पप्पू धीमान, सुमित जैन, अंशुल शर्मा, पराग शर्मा, प्रज्वल गुप्ता, ऋषभ गोयल, आर्यन, और दीपू वर्मा सहित अनेक भक्तों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
*सुरक्षा और व्यवस्था*: आयोजन की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए इंस्पेक्टर जयवीर सिंह, एसएसआई नरेश सिंह, उपनिरीक्षक नवीन गौतम, शिवराज तोमर सहित दर्जनों पुलिसकर्मी और नगर पंचायत के कर्मचारी तैनात रहे, जिन्होंने कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह वार्षिक उत्सव पुरकाजी के लिए एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महोत्सव का प्रतीक बन चुका है, जो हर साल भक्तों में नई ऊर्जा और भक्ति का संचार करता है।
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