कैलाशपुर मेन रोड पर अवैध कॉमर्शियल निर्माण, जेई, सुपरवाइजर की मिलीभगत के आरोप

कैलाशपुर मेन रोड पर अवैध कॉमर्शियल निर्माण, जेई, सुपरवाइजर की मिलीभगत के आरोप

कैलाशपुर मेन रोड पर अवैध कॉमर्शियल निर्माण, जेई, सुपरवाइजर की मिलीभगत के आरोप सूत्रों के हवाले से खुलासा, शटर लगाकर निर्माण को पुराना दिखाने की तैयारी, विभाग को लाखों का राजस्व नुकसान

सहारनपुर। सहारनपुर विकास प्राधिकरण के ज़ोन-3 क्षेत्र अंतर्गत कैलाशपुर मेन रोड, टायर एजेंसी के पास तस्लीम नामक व्यक्ति द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध कॉमर्शियल निर्माण किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। सूत्रों के अनुसार, यह निर्माण कार्य बिना मानचित्र स्वीकृति के जारी है और इसमें ज़ोन-3 के जेई व सुपरवाइजर की मिलीभगत बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि विकास प्राधिकरण जहाँ 100 गज या उससे कम क्षेत्र के निर्माण पर तुरंत सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करता है, वहीं इस अवैध निर्माण पर अधिकारी क्यों खामोश हैं।

क्या यह मामला दबंगई का है या फिर सेटिंग-गेटिंग का खेल चल रहा है?
सूत्रों का दावा है कि निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए जेई–सुपरवाइजर की ओर से निर्माणकर्ता को तरीका बताया गया है। इतना ही नहीं, दुकानों में शटर भी लगवाए जा रहे हैं ताकि निर्माण को पुराना दिखाकर विभागीय कार्यवाही से बचाया जा सके।

बताया जा रहा है कि निर्माण स्वामी दबंग प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जो प्राधिकरण कर्मचारियों पर दबाव बनाने और धमकाने तक का काम करता है। सूत्रों ने यह भी खुलासा किया कि उसके स्वामित्व में दूध की फैक्ट्री भी है, जिसकी निष्पक्ष जांच कराना आवश्यक है।
जानकारी के अनुसार, इस अवैध निर्माण से प्राधिकरण के राजस्व को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। सरकारी नियमों की धज्जियाँ उड़ाए जाने से स्थानीय लोगों में भी गहरा असंतोष है। लोगों का कहना है कि प्राधिकरण के बायलॉज़ के अनुसार अब तक इस निर्माण पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो जानी चाहिए थी, लेकिन विभागीय चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।

अब देखना यह है कि सहारनपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष इस अवैध कॉमर्शियल निर्माण पर सख्त कार्यवाही करते हैं या फिर यह मामला महज़ चर्चा का विषय बनकर रह जाएगा?

दैनिक सर्वे बुलेटिन

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