फुले दंपती पर आधारित फिल्म पर सेंसर बोर्ड की रोक का विरोध
🖋️ ब्यूरो रिपोर्ट ,दैनिक सर्वे बुलेटिन
📍 स्थान: शामली
📅 तारीख: सोमवार, 21 अप्रैल 2025
🔷 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया, सेंसर बोर्ड के फैसले की आलोचना
शामली।
महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले के जीवन पर आधारित एक फिल्म पर सेंसर बोर्ड द्वारा लगाई गई रोक के खिलाफ आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने सोमवार को एडीएम (न्यायिक) के माध्यम से देश की राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में आप कार्यकर्ताओं ने सेंसर बोर्ड की कार्रवाई को “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार” करार देते हुए इसे समाज सुधारकों के विचारों को दबाने की कोशिश बताया।
AAP कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
📢 फिल्म पर रोक से आहत, विचारों को दबाने की साजिश: AAP कार्यकर्ता
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि फुले दंपती का जीवन शिक्षा, सामाजिक समानता और महिला सशक्तिकरण के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके संघर्षों को दर्शाने वाली फिल्म पर रोक लगाने का फैसला न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को उनके विचारों से वंचित रखने जैसा है।
आम आदमी पार्टी ने इस फैसले को अन्यायपूर्ण बताते हुए सेंसर बोर्ड से तुरंत रोक हटाने की मांग की है।
👥 विरोध प्रदर्शन में शामिल प्रमुख कार्यकर्ता
इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें शामिल थे:
- चौधरी सोराम सिंह
- ओमपाल सिंह
- राजेन्द्र
- बबलू कश्यप
- राजीव कुमार
- पप्पन सिंह
- वीरपाल
इन सभी ने एक स्वर में मांग की कि फुले दंपती के जीवन पर बनी इस फिल्म को बिना किसी रोक के सार्वजनिक किया जाए, ताकि देश की युवा पीढ़ी को सच्चे समाज सुधारकों से प्रेरणा मिल सके।
📌 निष्कर्ष
सामाजिक चेतना और इतिहास के नायकों पर आधारित फिल्मों को सेंसर बोर्ड द्वारा रोका जाना आज के समय में एक गंभीर चिंता का विषय है।
आम आदमी पार्टी का यह विरोध न सिर्फ एक फिल्म को लेकर है, बल्कि एक विचारधारा की रक्षा को लेकर भी है – जो भारत को समता, शिक्षा और न्याय की राह पर आगे बढ़ाने में मदद करती है।
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