स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर आज़ाद अधिकार सेना ने उठाई आवाज
🖋️ ब्यूरो रिपोर्ट – दैनिक सर्वे बुलेटिन
📍 स्थान: शामली
📅 तारीख: सोमवार, 21 अप्रैल 2025
🔷 स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर राष्ट्रपति के नाम भेजा गया ज्ञापन
देश भर में स्वास्थ्य सेवाओं की गिरती स्थिति और निजी अस्पतालों द्वारा की जा रही कथित लूट के विरोध में आज़ाद अधिकार सेना के पदाधिकारियों ने सोमवार को एडीएम (न्यायिक) के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार से तत्काल ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर आज़ाद अधिकार सेना ने उठाई आवाज
📢 निजी अस्पतालों पर निगरानी को लेकर रखी अहम मांग
ज्ञापन में पार्टी ने प्रमुख मांग की कि प्रत्येक जिले में एक स्वतंत्र “स्वास्थ्य सेवा शिकायत आयोग” गठित किया जाए, जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त जिला जज करें।
इस आयोग को प्राइवेट अस्पतालों और निजी डॉक्टरों के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों का अधिकतम 15 दिन में निस्तारण करना अनिवार्य हो, और शिकायतकर्ता को जानकारी दी जाए।
📝 पारदर्शिता और दर निर्धारण की भी मांग
आज़ाद अधिकार सेना ने यह भी कहा कि:
- प्रत्येक प्राइवेट चिकित्सक और अस्पताल को अपनी सेवाओं की जानकारी व फीस सार्वजनिक करनी चाहिए।
- इलाज और दवाइयों की अधिकतम दर सरकार द्वारा निर्धारित कर सार्वजनिक की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिले।
👥 ज्ञापन सौंपने वालों में शामिल प्रमुख पदाधिकारी
इस मौके पर आज़ाद अधिकार सेना के जिलाध्यक्ष मोहम्मद युनुस, सोमवीर, विनोद कुमार समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि देश की जनता को स्वास्थ्य सेवाएं मूलभूत अधिकार की तरह मिलनी चाहिए, ना कि लाभ कमाने का जरिया बनाया जाए।
📌 निष्कर्ष
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर आमजन की बढ़ती नाराज़गी अब राजनीतिक मंचों पर भी दिखाई देने लगी है।
आज़ाद अधिकार सेना की इस पहल ने एक गंभीर और जमीनी मुद्दे को उठाया है, जिसे लेकर आने वाले समय में जन आंदोलन की संभावनाएं भी नज़र आने लगी हैं।
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