गणेश चतुर्थी उत्सव से हो गई त्योहारों की शुरुआत झिंझाना में भी विराजमान हुए गणेश भगवान

गणेश चतुर्थी उत्सव से हो गई त्योहारों की शुरुआत झिंझाना में भी विराजमान हुए गणेश भगवान

गणेश चतुर्थी उत्सव से हो गई त्योहारों की शुरुआत झिंझाना में भी विराजमान हुए गणेश भगवान

झिंझाना।‌‌ बुधवार आज गणेश चतुर्थी के अवसर पर 10 दिवसीय श्री गणेश उत्सव का शुभारंभ हो गया। इन 10 दिनों मे भगवान श्री गणेश जो प्रथम पूजनीय देवताओं में आते हैं इनकी पूजा अर्चना इनका गुणगान और मंगलाचरण के अनुष्ठान संचालित होते हैं। और यदि कहा जाए तो यही से ही आगे आने वाले सभी त्योहारों की शुरुआत हो जाती है जो अगले लगभग दो महीनों के दौरान मनाये जाते है।‌ विजय दशमी और दीपावली जैसे ये सभी बड़े त्यौहार मानों इस गणेश चतुर्थी से ही शुरू हो जाते हैं।
‌ गणेश चतुर्थी पूरे देश में पूरे श्रद्धा भाव से मनाए जाने वाला हिंदुओं का त्यौहार है। इस दिन गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करके भक्त लोग पूरे 10 दिनों तक इस गणेश पर्व को तरह-तरह की पूजा करके मानते हैं।

गणेश भगवान को बुद्धि ज्ञान और समृद्धि का देवता माना जाता है। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्यक्रम की शुरुआत गणेश पूजन से ही की जाती है।‌ भगवान गणेश का जन्म को लेकर गई मान्यताएं प्रचलित है एक कथा के अनुसार माता पार्वती ने स्नान करते समय अपने उबटन से गणेश जी को बनाया और उसमें प्राण डालें और अपने पहले के लिए बाहर दरवाजे पर खड़ा कर दिया ताकि कोई अंदर ना सके। इसी दौरान वहां पहुंचे भगवान शिव जी को गणेश ने अंदर आने से रोक दिया तो क्रोधित हुए शिव जी ने गणेश की गर्दन काट डाली। इस पर बाबा पार्वती ने बड़ा दुख जताया उनके नाराजगी को देखकर शिवाजी ने उन्हें पुनर्जीवित करने का वचन दिया। तथा अपने किसी सेवक को आदेश देकर जो पहला जीव मिला उसके अनुसार हाथी के एक बच्चे का सर जोड़कर गणेश को पुनर्जीवित कर दिया।

दूसरी मान्यता के अनुसार देवताओं की प्रार्थना पर भगवान शिव और पार्वती ने राक्षसों के कार्य में बाधा डालने के लिए गणेश जी की उत्पत्ति की, तभी से वें देवताओं के कार्यों की सिद्धि के लिए सहयोगी बने। परंपराओं के अनुसार त्योहारों की शुरुआत गणेश चतुर्थी उत्सव भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक गणेश भगवान की पूजा अर्चना के साथ मनाया जाता है। अनंत चतुर्दशी के तुरंत बाद 15 दिन के श्राद्ध शुरू हो जाते हैं। उसके बाद माता भगवती के नवरात्रि और विजयदशमी उसके बाद दीपावली के त्यौहार शुरू हो जाते है। जो गंगा स्नान के त्योहार तक चलते हैं। कुल मिलाकर गणेश भगवान रिद्धि सिद्धि के प्रतीक माने जाते हैं। झिंझाना में भी विराजमान हुए गणेश भगवान

गत वर्षो की तरह इस बार भी गणेश चतुर्थी के अवसर पर आज बुधवार को कस्बा झिंझाना के श्री राम श्याम दुर्गा मंदिर में भगवान गणेश जी की प्रतिमा को विधि विधान से विराजमान किया गया। आगामी 10 दिनों तक यहां भी पूजा अर्चना और गणेश भगवान का गुणगान आरती तथा महिलाओं द्वारा मंगलाचरण आदि अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे।

दैनिक सर्वे बुलेटिन

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