अवैध कॉलोनियों पर चला प्राधिकरण का पीला पंजा, भूमाफियाओं में मचा हड़कंप

अवैध कॉलोनियों पर चला प्राधिकरण का पीला पंजा

अवैध कॉलोनियों पर चला प्राधिकरण का पीला पंजा

कांधला नगर में मंगलवार को मुज़फ्फरनगर विकास प्राधिकरण की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया। यह कार्रवाई विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कांधला क्षेत्र प्रभारी कविता मीना के निर्देश पर की गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण कार्यों को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया और संबंधित कॉलोनी स्वामियों को नोटिस जारी किया।

अवैध कॉलोनियों पर चला प्राधिकरण का पीला पंजा

अवैध कॉलोनियों पर चला प्राधिकरण का पीला पंजा

पहली कार्रवाई: खेल तालाब इलाके में ध्वस्तीकरण

प्राधिकरण की टीम ने सबसे पहले मोहल्ला खेल तालाब, मंदिर के पास कब्रिस्तान वाली सड़क पर स्थित लगभग 5 बीघा भूमि पर अवैध रूप से काटी जा रही कॉलोनी पर कार्रवाई की। इस कॉलोनी में अवैध निर्माण कार्य चल रहा था। टीम ने जेसीबी मशीन की सहायता से निर्माण को गिरा दिया और कॉलोनी मालिक को नोटिस जारी करते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में कोई भी अवैध निर्माण हुआ तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दूसरी कार्रवाई: बाईपास रोड पर दोबारा अवैध निर्माण

इसके बाद टीम कस्बे के बाईपास रोड पर पहुँची। यहाँ पूर्व में 12 बीघा भूमि पर फारुख सिद्दीकी नामक व्यक्ति द्वारा अवैध प्लाटिंग की गई थी, जिस पर पहले भी नोटिस जारी कर कार्रवाई की गई थी। नोटिस के बावजूद निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया गया था। इस पर प्राधिकरण की टीम ने दोबारा पहुंचकर निर्माण कार्य को जेसीबी मशीन से ध्वस्त किया और फिर से नोटिस जारी करते हुए सख्त चेतावनी दी।

भूमाफियाओं में मची अफरा-तफरी

विकास प्राधिकरण की टीम की कार्रवाई से भूमाफियाओं में हड़कंप मच गया। टीम के पहुंचते ही कई अवैध कॉलोनी काटने वाले लोग मौके से फरार हो गए। नगर एवं क्षेत्र में भूमाफिया लंबे समय से बिना अनुमति के कॉलोनियों की अवैध प्लाटिंग कर लोगों को भूखंड बेच रहे थे।

प्राधिकरण की चेतावनी

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति के की जा रही किसी भी प्लाटिंग और निर्माण कार्य पर सख्त कार्रवाई होगी। जो लोग सरकारी नियमों की अवहेलना कर कॉलोनियां काट रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

जनहित में अपील

प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि प्लॉट या जमीन खरीदते समय यह जरूर जांच लें कि वह प्राधिकरण से स्वीकृत है या नहीं। अन्यथा आगे चलकर नुकसान उठाना पड़ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *