खतरे का सायरन बजे तो घबराना नही, धैर्य बनाये रखना है मौक ड्रिलका छात्र-छात्राओं के मध्य अभ्यास कराया गया।

खतरे का सायरन बजे तो घबराना नही, धैर्य बनाये रखना है

खतरे का सायरन बजे तो घबराना नही, धैर्य बनाये रखना है

शामली। शहर के श्री सत्यनारायण इंटर कॉलेज में बुधवार को भारत सरकार के आदेशानुसार युद्ध के समय अपनायी जाने वाली सावधानी मौक ड्रिलका छात्र-छात्राओं के मध्य अभ्यास कराया गया।

प्रधानाचार्य अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि यद्यपि आज किसी भी देश की ऐसी हिम्मत नही है कि वह भारत की ओर आंख उठाकर देख सके। युद्ध के समय होने वाली ड्रिल का अभ्यास करते रहना चाहिए।

जिससे कि आवश्यकता पड़ने पर बचाव किया जा सके। इसमें सबसे मुख्य बात है कि धैर्य नही खोना चाहिए और घबराना नही चाहिए। यदि दिन के समय खतरे का सायरन बजे तो खिड़कियां, दरवाजे बन्द कर देने चाहिए और उन पर परदे गिरा देने चाहिए।

घर में 4 से 5 दिन की भोजन की सामग्री तथा पानी आदि अवश्य रखना चाहिए। रात के समय सायरन बजे तो सभी प्रकार की लाईट रोशनी आदि बन्द कर देनी चाहिए। यदि घर से बाहर हो तो जमीन पर लेट जाना चाहिए तथा हिलना डुलना नही चाहिए।

ड्रिल के अभ्यास में अनिल कुमार कश्यप, शिव कुमार, लक्ष्मी गर्ग, फूल कुमार, छवि शर्मा, सतीश आत्रैय, रामनाथ, शिवकुमार, महेश नारायण गौड़, अरविन्द जैन, पंकज पाल, अंजली जैन, सुमन शर्मा, नीतू अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

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