कोरी व भुईंयार समाज के विरुद्ध भ्रामक धरना प्रदर्शन और झूठी विज्ञप्ति पर कार्रवाई की मांग
दिनाकं 23-05-2025 में डा० भीमराव अम्बेडकर बोध ट्रस्ट द्वारा कोरी व भुईयार अनुसूचित जाति के विरुद्ध शासन व प्रशासन को गुमराह करने के लिए धरना दिया गया व विज्ञप्ति दी गयी कि एस.डी.एम. जानसठ भुईंयार जाति के एस.सी. प्रमाण पत्र जारी कर रहे है और धरना प्रदर्शन के दौरान भुईंयार व कोरी जाति के लोगो का विपक्षीगण ने हिन्दू जुलाहा सामान्य जाति का बताया।
वास्तविकता मे यह प्रकरण शासन द्वारा माननीय उच्च न्यायालय द्वारा व स्कूटनी कमेटी द्वारा सम्पूर्ण रुप से तय भी किया जा चुका है कि हिन्दू जुलाहा पेशा है भुईंयार व कोरी जाति के लोगो का पेशा भी बुनकर हिन्दू जुलाहे का रहा है और मुस्लिमों में भी मौमीन अन्सारी भी जुलाहे कहे जाते है। विपक्षीगण ने जो धरना प्रदर्शन कर विज्ञप्ति दी है उसके पीछे कोरी भुईंयार समाज के खिलाफ एक बहुत साजिश व षडयन्त्र है जिससे अधिकारियो व कर्मचारियो को डरा धमकाकर व हमारे सामज के हक को मारकर उस पर अपना कब्जा स्थापित किया जा सके और कोरी व भुईंयार जाति के लोगो को उनके अधिकार से वंचित किया जा सके। विपक्षीगण द्वारा उक्त धरना प्रदर्शन
व विज्ञप्ति देकर राष्ट्र के विरुद्ध विद्रोह किया है ।
तथा संवैधानिक व्यवस्था पर आपत्तियाँ उठायी है जिससे कोरी व भुईंयार समाज मे बहुत रोष है। इसलिए आप से विनम्र प्रार्थना है कि धरना प्रदर्शन व विज्ञप्ति देने वाले के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही की जाये जिससे भविष्य से गैर कानूनी व असंवैधानिक झूठी विज्ञप्तियों देने की कोई हिम्मत न कर सके। अन्यथा हमारा समाज भी अपने अधिकारो के लिए आन्दोलन भूख हडताल व धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होगा।
मामले की गम्भीरता को देखते हुए विपक्षी डा० भीमराव अम्बेडकर बोध ट्रस्ट के अध्यक्ष व कमैटी द्वारा दिया गया धरना प्रदर्शन व विज्ञप्ति असंवैधानिक व गैर कानूनी व द्वेष भावनापूर्ण भावना से ग्रस्त होने के कारण उनके विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही की जावे व कोरी भुईंयार के व्यक्तियो के विरुद्ध किये जा रहे शोषण को रोका जावे अन्यथा कोरी व भुईंयार समाज भी धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होगा।
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