लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण।

लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश

लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुजफ्फरनगर संतोष राय द्वारा दीप प्रज्जवलित  किया

जिला न्यायालय मुजफ्फरनगर में आयोजित दिनांक 10.05.2025 दिन द्वितीय शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से किया गया वादों का निस्तारण

मुजफ्फरनगर दिनांक 10.05.2025 को जनपद न्यायालय मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुजफ्फरनगर संतोष राय द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। जनपद न्यायाधीश द्वारा अपने सम्बोधन में राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए यह कहा गया कि लोक अदालत में होने वाले फैसले में हार जीत का कोई प्रश्न नहीं रह जाता है. क्योंकि जब वादकारी आपसी समझौते के आधार पर वाद का निस्तारण करते हैं तो उनके मध्य आपसी सौहार्द बना रहता है एवं उनके अमूल्य समय की बचत भी होती है। उनके द्वारा यह भी कहा गया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वादकारियों को सरल, सुलभ एवं त्वरित न्याय प्रदान करना है।

लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश

लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश

जनपद न्यायाधीश द्वारा सभागार में उपस्थित बैंक अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया कि वे ऋण के मामलों में ग्राहकों को अधिकतम छूट देते हुए प्रकरणों का निस्तारण करना सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्री खलीकुज्जमा ने पारिवारिक मामलों को सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किये जाने पर बल दिया। आज लोक अदालत में पारिवारिक न्यायालयों के द्वारा 129 मामलों का सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।

लोक अदालत के नोडल अधिकारी अपर जिला जज श्री कनिष्क कुमार सिंह द्वारा अपने सम्बोधन में यह कहा गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत लोक अदालत विवादों को सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारित कराने का एक बहुत बड़ा माध्यम है तथा त्वरित न्याय प्राप्त करने का एक अत्यन्त महत्वपूर्ण साधन है। लोक अदालत समाज के वंचित और कमजोर वर्ग के व्यक्तियों के लिये वरदान साबित हो रही है।

लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुजफ्फरनगर के सचिव श्री सीताराम द्वारा यह बताया गया है कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 3 लाख 91 हजार 165 (3,91,165) प्रकरण निस्तारित किये गये।

पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण श्रीमती आदेश नैन के द्वारा कुल 49 वादों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत में किया गया व 3,00,30,000/- रूपये प्रतिकर प्रदान किया गया।

जनपद न्यायालय मुजफ्फरनगर, के विभिन्न न्यायालयों के द्वारा कुल 6389 शमनीय फौजदारी एवं 50 दीवानी वादों का निस्तारण करते हुए शमनीय फौजदारी वादों मे 11,87,890/- रूपये का अर्थदण्ड वसूल किया गया तथा दीवानी वादों में 1,10,96,910.82 रूपये का उत्तराधिकार आदि का अनुतोष प्रदान किया गया।

जिला अधिकारी मुजफ्फरनगर, श्री उमेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में राजस्व अधिकारियों द्वारा कुल 7623 राजस्व मामलों का निस्तारण कर 93,49,740/- रूपये का राजस्व वसूल किया गया

इस राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों के द्वारा 319 बैंक ऋण मामले निस्तारण कराकर लगभग 6 करोड़ 95 लाख 57 हजार रूपये की धनराशि का सेटलमेंट किया गया।
इस अवसर पर जिला बार संघ के अध्यक्ष श्री ठाकुर कंवरपाल सिंह, सिविल बार संघ के अयक्ष सुनील मित्तल, सिविल बार संघ के सचिव श्री राज सिंह रावत, अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम श्री रविकान्त ॥ श्रीमति आशा रानी, श्रीमति अलका भारती, श्रीमति रेखा सिंह, श्री कनिष्क कुमार सिंह, श्री काशिफ शेख, श्री दिनेश प्रताप सिंह, श्रीमती रीमा मल्होत्रा, श्रीमती दिव्या भार्गव, श्रीमती मंजुला भलोटिया, श्री निशान्त सिंगला, श्री कमलापति प्रजापति, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती कविता अग्रवाल सहित समस्त न्यायिक अधिकारीगण, समस्त बैंको के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे।

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