सरसावा में एफ.बी.डी. ने आयोजित किया रक्तदान शिविर, 130 यूनिट रक्त एकत्रित

सरसावा में एफ.बी.डी. ने आयोजित किया रक्तदान शिविर

आज सरसावा में फैमिली ऑफ ब्लड डोनर्स ट्रस्ट (एफ.बी.डी.) द्वारा डी.सी. जैन इण्टर कॉलेज में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में ग्रामीणों, खासकर युवाओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, और इस आयोजन में 150 से अधिक रक्तदाताओं ने पंजीकरण कराया। कुल मिलाकर 130 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। शिविर में कुछ रक्तदाता स्वास्थ्य जांच में अयोग्य पाए गए, लेकिन उन्हें भविष्य में रक्तदान के लिए प्रेरित किया गया है।

सरसावा में एफ.बी.डी. ने आयोजित किया रक्तदान शिविर, 130 यूनिट रक्त एकत्रित

सरसावा में एफ.बी.डी. ने आयोजित किया रक्तदान शिविर, 130 यूनिट रक्त एकत्रित

 

शिविर में रक्तदान की उत्साही भागीदारी

एफ.बी.डी. ट्रस्ट का यह शिविर सरसावा क्षेत्र में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने और रक्त की कमी को दूर करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। शिविर के संयोजक उदयवीर सिंह ने बताया कि इस शिविर ने सरसावा क्षेत्र में रक्तदान के महत्व को लोगों के बीच जागरूक किया है। उन्होंने कहा कि इस बार गर्मी के बावजूद, क्षेत्र के लोगों का उत्साह यह दर्शाता है कि वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं।

एफ.बी.डी. के मिशन को लेकर टिप्पणियां

एफ.बी.डी. ट्रस्ट के अध्यक्ष पंकज कुमार पाँचाल ने कहा,

“हमारा मिशन है कि हम सहारनपुर को ‘100% स्वैच्छिक रक्तदान वाला जिला’ बनाएं। आज का शिविर इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रक्तदान से न तो शरीर कमजोर होता है, न ही कोई नुकसान होता है। यह एक पुण्य का काम है जो समाज के लिए जीवनदान प्रदान करता है।”

तरुण भोला, एफ.बी.डी. के संस्थापक सदस्य ने कहा,

“रक्तदान कोई भी कर सकता है, बस जरूरत है हौसले की। हम हर व्यक्ति से अपील करते हैं कि वह हर तीन महीने में एक बार रक्तदान करें और समाज को जीवनदान दें।”

अश्वनी कुमार मित्तल, एफ.बी.डी. के वरिष्ठ संरक्षक ने कहा,

“रक्तदान महादान है, इसका कोई विकल्प नहीं है। यह रक्त केवल मनुष्य के शरीर से मिल सकता है, फैक्ट्री से नहीं। आज एकत्रित रक्त थैलेसीमिया के मरीजों, दुर्घटना पीड़ितों और प्रसूता महिलाओं की जान बचाएगा।”

शिविर में भाग लेने वाले प्रमुख लोग

इस शिविर में क्षेत्र के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इनमें सलमान राव, नवनीत सैनी, अभिषेक सैनी, राहुल, अनुज, वंदना पुंडीर, डिम्पल, खुशी बंसल, प्रवीण, मोहम्मद जुबैर, इरफान, नवाब, सादिक जैसे लोग प्रमुख रूप से शामिल रहे। इनके अलावा कई अन्य लोगों ने भी इस नेक कार्य में भाग लिया।

स्वास्थ्य जांच और रक्तदान प्रक्रिया

रक्तदान से पहले प्रत्येक रक्तदाता की स्वास्थ्य जांच की गई। इसमें यह सुनिश्चित किया गया कि रक्तदान उनके स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है। जो लोग स्वास्थ्य जांच में अयोग्य पाए गए, उन्हें भविष्य में रक्तदान के लिए प्रेरित किया गया और उनकी पूरी जांच का ध्यान रखा जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया इस बात का प्रमाण है कि एफ.बी.डी. का लक्ष्य न केवल रक्तदान को बढ़ावा देना है, बल्कि इस काम को सुरक्षित और सुनिश्चित रूप से करना है।

शिविर का सामाजिक प्रभाव

एफ.बी.डी. के इस शिविर ने समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह शिविर केवल रक्तदान के लिए एक अवसर नहीं था, बल्कि यह एक संदेश था कि स्वैच्छिक रक्तदान से न केवल किसी एक व्यक्ति की जिंदगी बचाई जा सकती है, बल्कि यह पूरे समाज को एकजुट करने का कार्य करता है। ट्रस्ट ने इसके बाद भी और रक्तदान शिविर आयोजित करने की योजना बनाई है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक किया जा सके और रक्त की कमी को दूर किया जा सके।

अंतिम विचार:

एफ.बी.डी. द्वारा आयोजित यह शिविर सरसावा क्षेत्र में रक्तदान के महत्व को बढ़ावा देने के साथ ही स्थानीय समुदाय में सकारात्मक बदलाव लाने में सफल रहा। यह शिविर न केवल रक्तदान के प्रति लोगों की जागरूकता को बढ़ाता है, बल्कि समाज की सेवा के लिए हर व्यक्ति को प्रेरित भी करता है। रक्तदान महादान है और हमें इसे नियमित रूप से करना चाहिए।

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